पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी यानी पीडीपी के संस्थापक और सांसद मुज़फ़्फ़र हुसैन बेग की चेतावनी के एक दिन बाद पीडीपी, नेशनल कांफ़्रेंस और कांग्रेस ने पुष्टी कर दी है कि वो तीनों मिलकर जम्मू-कश्मीर में गठबंधन सरकार बनाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं.
दरअसल पीडीपी के नाराज़ नेता बेग ने मंगलवार को चेताया था कि अगर ये तीनों दल गठबंधन सरकार बनाते हैं तो जम्मू-कश्मीर के तीन टुकड़े हो जाएंगे.
नेशनल कांफ़्रेंस ने बेग के इस बयान की निंदा की और कहा कि कांग्रेस, पीडीपी और नेशनल कांफ़्रेंस ने जम्मू-कश्मीर पर शासन किया है और तीनों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
'बेग का बयान तर्कविहीन'
नेशनल कांफ़्रेंस के वरिष्ठ नेता और पार्टी अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने पत्रकारों से कहा, "मुझे बेग का बयान हास्यास्पद और तर्कविहीन लगा. हमारी पार्टी पूरे जम्मू-कश्मीर का नेतृत्व करती है. कांग्रेस और दूसरी पार्टियां भी करती हैं. बेग सांप्रदायिक राजनीति का खेल खेल रहे हैं और जम्मू-कश्मीर के तीन टुकड़े होने का डर दिखा रहे हैं."
वानी ने कहा कि वो इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि 'समान सोच वाली पार्टियां' जम्मू-कश्मीर को इस मुश्किल दौर से निकालने के लिए बातचीत कर रही हैं, 'हालांकि बातचीत का अबतक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है.'
तीनों पार्टियों के गठबंधन सरकार बनाने की अटकलों के बीच वानी ने कहा, "हम कहते रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान को बातचीत बहाल करनी चाहिए. हम ये भी कहते रहे हैं कि सरकार को अलगाववादियों से बातचीत करनी चाहिए. अगर मुख्यधारा की तीन क्षेत्रीय पार्टियां आपस में बातचीत कर रही हैं, तो इसमें नुकसान क्या है."
इस साल जून में पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन से चल रही सरकारी गिर गई थी. उसके बाद से असेंबली को कोई दूसरी सरकार बनने की उम्मीद में भंग नहीं किया गया था. तबसे सरकार बनाने की लिए चर्चाओं का दौर जारी है.
सरकार के गठन के लिए एक विकल्प सज्जाद गनी लोन के नेतृत्व में, पीडीपी-बीजेपी के विद्रोही विधायकों के समर्थन से तीसरा मोर्चा बनाने को दिया जा रहा है.
सज्जाद लोन की पार्टी पीपल्स कांफ्रेंस राज्य के विद्रोही विधायकों से समर्थन की उम्मीद कर रही है.
लेकिन एक संभावना पीडीपी-एनसी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की भी है.
पीडीपी के पास 28 और कांग्रेस के पास 12 विधायक हैं. पीपल्स कांन्फ़्रेंस के पास दो और बीजेपी के 25 एमएलए हैं. सज्जाद लोन को बहुमत का 44 का आकड़ा पार करने के लिए एनसी, पीडीपी और कांग्रेस से विद्रोही विधायकों की मदद की ज़रूरत पड़ेगी.
Wednesday, November 21, 2018
Tuesday, November 6, 2018
चीन के शहर में कुत्तों के टहलाने पर रोक, पार्कों
चीन में एक शहर में सरकार ने कुत्तों को बाहर टहलाने पर रोक लगा दी है। साथ ही पार्कों, शॉपिंग सेंटर, खेलने की जगहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
दक्षिण पश्चिम चीन में एक शहर में प्रशासन ने दिन में कुत्तों को बाहर टहलाने पर रोक लगा दी है। साथ ही पार्कों, शॉपिंग सेंटर, खेलने की जगहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला युन्नान प्रांत के वेनशान शहर के प्रशासन ने 29 अक्टूबर को एक अध्यादेश जारी करके लिया। इस अध्यादेश को देश में सबसे कठोर कहा जा रहा है।
ध्यादेश में कहा गया है कि कुत्तों को सुबह सात बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद ही बाहर टहलाया जा सकता है। इसमें यह भी कहा गया है कि कुत्तों की चेन एक मीटर (तीन फीट) से अधिक नहीं हो सकती है और उन्हें केवल वयस्क लोग ही टहला सकते हैं। बता दें कि चीन में कुत्ते पालने पर पहले भी कुछ कड़े नियम लागू हैं।
क्या है वजह
दरअसल, कम्युनिस्ट चीन के संस्थापक माओ त्से तुंग के कार्यकाल में पालतू जानवरों को पालने की प्रवृत्ति को बुर्जुआ (पूंजीपति) शौक के तौर पर माना जाता था। हाल के कुछ दशकों में संपन्नता के बढ़ने के साथ चीनी परिवारों में कुत्ते पालने का शौक बढ़ रहा है। कई शहर अब भी उन नियमों का पालन करते हैं कि किस इलाके में किस आकार के कुत्तों को पालना है। राजधानी पेईचिंग में भी शहर के केन्द्र से बड़े आकार वाले कुत्तों पर प्रतिबंध है।
ढाका, छह नवम्बर (भाषा) बांग्लादेश पुलिस ने मंगलवार को एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमायतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के मुखिया को मार गिराया। जेएमबी पर विदेशियों, ब्लागरों, अधिकार कार्यकर्ताओं और 2016 में ढाका कैफे पर हुए हमले का आरोप लगाया जाता है। ढाका कैफे हमले में एक भारतीय लड़की सहित 20 व्यक्ति मारे गए थे। पुलिस ने बताया कि जेएमबी का प्रमुख खुर्शीद आलम उर्फ शमीम उत्तरी नगर शीबगंज में एक मुठभेड़ में मारा गया। बोगरा सदर क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सनातन चक्रवर्ती ने कहा कि पुलिस ने इस गुप्त सूचना पर तीपुकुर क्षेत्र में छापेमारी की कि वहां आतंकवादियों का
ढाका, छह नवम्बर (भाषा) बांग्लादेश पुलिस ने मंगलवार को एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमायतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के मुखिया को मार गिराया। जेएमबी पर विदेशियों, ब्लागरों, अधिकार कार्यकर्ताओं और 2016 में ढाका कैफे पर हुए हमले का आरोप लगाया जाता है। ढाका कैफे हमले में एक भारतीय लड़की सहित 20 व्यक्ति मारे गए थे। पुलिस ने बताया कि जेएमबी का प्रमुख खुर्शीद आलम उर्फ शमीम उत्तरी नगर शीबगंज में एक मुठभेड़ में मारा गया। बोगरा सदर क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस
एकत्रित हुआ है। ढाका ट्रिब्यून ने चक्रवर्ती के हवाले से कहा कि पुलिस को देखकर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी जिसके बाद पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ा। अधिकारी ने कहा कि अधिकतर आतंकवादी मौके से फरार हो गए लेकिन खुर्शीद गोलियों से छलनी मिला। चक्रवर्ती ने कहा कि उसे शाहिद जियाउर रहमान मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चक्रवर्ती ने कहा कि अस्पताल जाते समय खुर्शीद
दक्षिण पश्चिम चीन में एक शहर में प्रशासन ने दिन में कुत्तों को बाहर टहलाने पर रोक लगा दी है। साथ ही पार्कों, शॉपिंग सेंटर, खेलने की जगहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला युन्नान प्रांत के वेनशान शहर के प्रशासन ने 29 अक्टूबर को एक अध्यादेश जारी करके लिया। इस अध्यादेश को देश में सबसे कठोर कहा जा रहा है।
ध्यादेश में कहा गया है कि कुत्तों को सुबह सात बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद ही बाहर टहलाया जा सकता है। इसमें यह भी कहा गया है कि कुत्तों की चेन एक मीटर (तीन फीट) से अधिक नहीं हो सकती है और उन्हें केवल वयस्क लोग ही टहला सकते हैं। बता दें कि चीन में कुत्ते पालने पर पहले भी कुछ कड़े नियम लागू हैं।
क्या है वजह
दरअसल, कम्युनिस्ट चीन के संस्थापक माओ त्से तुंग के कार्यकाल में पालतू जानवरों को पालने की प्रवृत्ति को बुर्जुआ (पूंजीपति) शौक के तौर पर माना जाता था। हाल के कुछ दशकों में संपन्नता के बढ़ने के साथ चीनी परिवारों में कुत्ते पालने का शौक बढ़ रहा है। कई शहर अब भी उन नियमों का पालन करते हैं कि किस इलाके में किस आकार के कुत्तों को पालना है। राजधानी पेईचिंग में भी शहर के केन्द्र से बड़े आकार वाले कुत्तों पर प्रतिबंध है।
ढाका, छह नवम्बर (भाषा) बांग्लादेश पुलिस ने मंगलवार को एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमायतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के मुखिया को मार गिराया। जेएमबी पर विदेशियों, ब्लागरों, अधिकार कार्यकर्ताओं और 2016 में ढाका कैफे पर हुए हमले का आरोप लगाया जाता है। ढाका कैफे हमले में एक भारतीय लड़की सहित 20 व्यक्ति मारे गए थे। पुलिस ने बताया कि जेएमबी का प्रमुख खुर्शीद आलम उर्फ शमीम उत्तरी नगर शीबगंज में एक मुठभेड़ में मारा गया। बोगरा सदर क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सनातन चक्रवर्ती ने कहा कि पुलिस ने इस गुप्त सूचना पर तीपुकुर क्षेत्र में छापेमारी की कि वहां आतंकवादियों का
ढाका, छह नवम्बर (भाषा) बांग्लादेश पुलिस ने मंगलवार को एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमायतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के मुखिया को मार गिराया। जेएमबी पर विदेशियों, ब्लागरों, अधिकार कार्यकर्ताओं और 2016 में ढाका कैफे पर हुए हमले का आरोप लगाया जाता है। ढाका कैफे हमले में एक भारतीय लड़की सहित 20 व्यक्ति मारे गए थे। पुलिस ने बताया कि जेएमबी का प्रमुख खुर्शीद आलम उर्फ शमीम उत्तरी नगर शीबगंज में एक मुठभेड़ में मारा गया। बोगरा सदर क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस
एकत्रित हुआ है। ढाका ट्रिब्यून ने चक्रवर्ती के हवाले से कहा कि पुलिस को देखकर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी जिसके बाद पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ा। अधिकारी ने कहा कि अधिकतर आतंकवादी मौके से फरार हो गए लेकिन खुर्शीद गोलियों से छलनी मिला। चक्रवर्ती ने कहा कि उसे शाहिद जियाउर रहमान मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चक्रवर्ती ने कहा कि अस्पताल जाते समय खुर्शीद
छोटे भालू का कमाल संघर्ष, कायल हुए लोग, मां तक पहुंचने के लिए लगाई जी-जान
एक छोटे भालू का संघर्ष दिखाया गया है जो अपनी मां तक पहुंचने के लिए पूरी जान लगा देता है। दूसरी तरफ उसकी मां अपने बेटे को बार-बार विफल होता देखकर भी हिम्मत नहीं हारती और वहीं खड़ी होकर उसका इंतजार करती रहती है।
सोशल मीडिया पर पिछले दिनों एक विडियो सामने आया है जो जमकर वायरल हो रहा है। इसमें एक छोटे भालू का संघर्ष दिखाया गया है जो अपनी मां तक पहुंचने के लिए पूरी जान लगा देता है। दूसरी तरफ उसकी मां अपने बेटे को बार-बार विफल होता देखकर भी हिम्मत नहीं हारती और वहीं खड़ी होकर उसका इंतजार करती रहती है। यह विडियो रूस के पर्वतों का बताया जा रहा है।
विडियो में दिख रहा है कि शुरुआत में बच्चा बर्फ में अपनी मां के पीछे-पीछे चल रहा होता है। अपने नन्हे कदमों से आगे बढ़ रहा छोटा भालू कुछ देर में ही पीछे छूट जाता है। फिर आगे बर्फ ज्यादा होने की वजह से दोनों नीचे भी फिसल जाते हैं। तब मां तो संभलकर ऊपर चली जाती है, लेकिन बच्चा पीछे छूट जाता है।
फिर शुरू होती है बच्चे की मां तक पहुंचने की जंग। एक तरफ मां अपने बच्चे का उसतक पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। वहीं दूसरी तरफ बच्चा ऊपर आने की हरसंभव कोशिश कर रहा था। मां चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही थी और बच्चा कोशिशों के बाद भी बार-बार फिसलकर नीचे चला जाता था। लेकिन आखिर में मां-बेटे का प्यार जीत जाता है और बच्चा ऊपर अपनी मां के पास तक पहुंच जाता है।
सांकेतिक चित्र
तुर्की पुलिस ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गतिविधियों की जांच के तहत 24 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एनादालु के हवाले से बताया कि पुलिस की टीमों ने देश के 11 प्रांतों के समूह के खिलाफ अभियान शुरू किया था। यह अभियान दियारबाकिर प्रांत के अभियोजक कार्यालय द्वारा गिरफ्तारी वॉरंट जारी किए जाने के बाद शुरू हुआ।
इन संदिग्धों को सीरिया, लेबनान, इराक, इंडोनेशिया और लीबिया में कथित तौर पर धन राशि हस्तांतरित करने के मामले में सोमवार को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने करीब 13 लाख तुर्की लीरा (240,000 डॉलर) के साथ-साथ डॉलर, यूरो और सीरियाई मुद्रा भी जब्त की है। तुर्की में 2015 से कई हमले हुए हैं, जिनमें 300 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है और सैकड़ों घायल हुए। इन हमलों के लिए आईएस जिम्मेदार रहा।
मातेओ साल्विनी और उनकी गर्लफ्रेंड एलिजा इजोआर्दी का खूबसूरत रिश्ता आखिरकार टूट गया। हालांकि, टीवी ऐंकर एलिजा ने इस रिश्ते के टूटने पर कोई औपचारिक ऐलान या प्रेस ब्रीफिंग की जगह इंस्टाग्राम पर सेल्फी पोस्ट कर दुनिया को रिश्ता खत्म होने की बात बताई। एलिजा ने साल्विनो के साथ बिताए खूबसूरत पलों की याद में बेड पर अंतरंग पलों के दौरान खींची सेल्फी पोस्ट किया। हालांकि, उनके इस तरह से ब्रेकअप के ऐलान को खुद इटली में कुछ लोगों ने गरिमामय तरीका नहीं माना।
जिस वक्त 35 साल की एलिजा ने देश के डेप्युटी पीएम से ब्रेकअप की घोषणा की, उस वक्त साल्विनी घाना के लिए एक फ्लाइट ले रहे थे। ऐंटी इमिग्रेंट लीग पार्टी के नेता साल्विनी की पहचान प्रवासियों के प्रति सख्त रवैये के लिए है। वह देश के आंतरिक मामलों के मंत्री भी हैं। साल्विनी और एलिजा 3 साल से रिश्ते में थे और दोनों की तस्वीरें यूरोपीय मीडिया में काफी लोकप्रिय थीं।
सोशल मीडिया पर पिछले दिनों एक विडियो सामने आया है जो जमकर वायरल हो रहा है। इसमें एक छोटे भालू का संघर्ष दिखाया गया है जो अपनी मां तक पहुंचने के लिए पूरी जान लगा देता है। दूसरी तरफ उसकी मां अपने बेटे को बार-बार विफल होता देखकर भी हिम्मत नहीं हारती और वहीं खड़ी होकर उसका इंतजार करती रहती है। यह विडियो रूस के पर्वतों का बताया जा रहा है।
विडियो में दिख रहा है कि शुरुआत में बच्चा बर्फ में अपनी मां के पीछे-पीछे चल रहा होता है। अपने नन्हे कदमों से आगे बढ़ रहा छोटा भालू कुछ देर में ही पीछे छूट जाता है। फिर आगे बर्फ ज्यादा होने की वजह से दोनों नीचे भी फिसल जाते हैं। तब मां तो संभलकर ऊपर चली जाती है, लेकिन बच्चा पीछे छूट जाता है।
फिर शुरू होती है बच्चे की मां तक पहुंचने की जंग। एक तरफ मां अपने बच्चे का उसतक पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। वहीं दूसरी तरफ बच्चा ऊपर आने की हरसंभव कोशिश कर रहा था। मां चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही थी और बच्चा कोशिशों के बाद भी बार-बार फिसलकर नीचे चला जाता था। लेकिन आखिर में मां-बेटे का प्यार जीत जाता है और बच्चा ऊपर अपनी मां के पास तक पहुंच जाता है।
सांकेतिक चित्र
तुर्की पुलिस ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गतिविधियों की जांच के तहत 24 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एनादालु के हवाले से बताया कि पुलिस की टीमों ने देश के 11 प्रांतों के समूह के खिलाफ अभियान शुरू किया था। यह अभियान दियारबाकिर प्रांत के अभियोजक कार्यालय द्वारा गिरफ्तारी वॉरंट जारी किए जाने के बाद शुरू हुआ।
इन संदिग्धों को सीरिया, लेबनान, इराक, इंडोनेशिया और लीबिया में कथित तौर पर धन राशि हस्तांतरित करने के मामले में सोमवार को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने करीब 13 लाख तुर्की लीरा (240,000 डॉलर) के साथ-साथ डॉलर, यूरो और सीरियाई मुद्रा भी जब्त की है। तुर्की में 2015 से कई हमले हुए हैं, जिनमें 300 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है और सैकड़ों घायल हुए। इन हमलों के लिए आईएस जिम्मेदार रहा।
मातेओ साल्विनी और उनकी गर्लफ्रेंड एलिजा इजोआर्दी का खूबसूरत रिश्ता आखिरकार टूट गया। हालांकि, टीवी ऐंकर एलिजा ने इस रिश्ते के टूटने पर कोई औपचारिक ऐलान या प्रेस ब्रीफिंग की जगह इंस्टाग्राम पर सेल्फी पोस्ट कर दुनिया को रिश्ता खत्म होने की बात बताई। एलिजा ने साल्विनो के साथ बिताए खूबसूरत पलों की याद में बेड पर अंतरंग पलों के दौरान खींची सेल्फी पोस्ट किया। हालांकि, उनके इस तरह से ब्रेकअप के ऐलान को खुद इटली में कुछ लोगों ने गरिमामय तरीका नहीं माना।
जिस वक्त 35 साल की एलिजा ने देश के डेप्युटी पीएम से ब्रेकअप की घोषणा की, उस वक्त साल्विनी घाना के लिए एक फ्लाइट ले रहे थे। ऐंटी इमिग्रेंट लीग पार्टी के नेता साल्विनी की पहचान प्रवासियों के प्रति सख्त रवैये के लिए है। वह देश के आंतरिक मामलों के मंत्री भी हैं। साल्विनी और एलिजा 3 साल से रिश्ते में थे और दोनों की तस्वीरें यूरोपीय मीडिया में काफी लोकप्रिय थीं।
Friday, November 2, 2018
अगर डील की जांच हुई तो मोदी जी बच नहीं पाएंगे, इस बात की गारंटी है: राहुल
राहुल गांधी ने शुक्रवार को राफेल डील को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा कि एक लॉस मेकिंग कंपनी (अनिल अंबानी की रिलायंस) में 284 करोड़ रुपए ट्रांसफर क्यों किए गए? दैसो ने अनिल अंबानी के पास जमीन होने का हवाला देकर कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट देने की बात कही थी, लेकिन कुछ वजह से यह समझ नहीं आया कि दैसो ने पहले ही रिलायंस को पैसे क्यों दिए? अगर डील की जांच हुई तो नरेंद्र मोदी बच नहीं पाएंगे।
राहुल ने कहा, "राफेल ओपन शट केस है और इसमें दो लोगों की पार्टनरशिप है- अनिल अंबानी और नरेंद्र मोदी। आप बताइए कि लॉस मेकिंग कंपनी (8 लाख की कंपनी) में 284 करोड़ किसने डाले? क्या लॉजिक था? क्यों इनवेस्टमेंट किया गया? वही पैसा अंबानी ने जमीन खरीदने के लिए इस्तेमाल किया। फिर दैसो के सीईओ ने यह क्यों कहा कि रिलायंस के पास जमीन है? सीबीआई चीफ को हटाया गया क्योंकि वो राफेल मामले को देख रहे थे।''
सरकार ने सौदे के लिए पैसे दिए
राहुल ने कहा, "सरकार कहती है प्राइसिंग गुप्त रखी गई। दैसो की एनुअल रिपोर्ट में प्राइसिंग दी गई है। उसमें दिखाया गया है कि भारत सरकार ने सौदे के लिए कितने पैसे दिए। मुझसे मैक्रों साहब (फ्रांस के राष्ट्रपति) मिले और मैंने उनसे इस बारे में सवाल किया। उन्होंने मुझे बताया कि सीक्रेट पैक्ट में प्राइस है ही नहीं। यानी प्राइस छिपाना समझौते का हिस्सा है ही नहीं।
डील के पीछे केवल नरेंद्र मोदी
राहुल के मुताबिक- "पर्रिकर का कहना था कि उनका इससे (राफेल डील) से कुछ लेना देना नहीं था। यानी वह कह रहे थे कि जिसका लेना-देना हो उससे पूछो यानी मिस्टर नरेंद्र मोदी। तो साफ है कि कौन डील के पीछे कौन था? वो नरेंद्र मोदी ही थे। पर्रिकर जी इस डील से खुद को बाहर करना चाहते थे। वो देश को बताना चाहते थे कि डील का फैसला मैंने नहीं मोदीजी ने लिया है। हम बताना चाहते हैं कि 284 करोड़ की पहली किश्त थी वो अंबानी जी के अकाउंट में गई।"
जांच से डरते हैं मोदी
राहुल ने कहा, "विपक्ष जेपीसी के होने से खुश है। मैंने अरुण जेटली से बात की, तब जेपीसी का कोई रिस्पॉन्स नहीं आया था। सीबीआई चीफ को हटाया गया है। इसलिए क्योंकि उनके पास डील की जानकारी थी और वे इंक्वायरी शुरू करना चाहते थे। मोदीजी इंक्वायरी से डरते हैं इसलिए सीबीआई चीफ को हटा दिया। मुझे नहीं लगता कि मोदी जेपीसी करवाएंगे। देखिए अगर पीएम डील में शामिल नहीं थे तो उन्हें इंक्वायरी कराने पर राजी होना था। उन्हें फिलहाल नींद नहीं आ रही, वे टेंशन में हैं।"
मोदी ने अंबानी को 30 हजार करोड़ दिए
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने कहा, "राफेल में भ्रष्टाचार हुआ है। पहली किश्त भ्रष्टाचार की दिख गई। दैसो के चीफ ने कहा कि हमने रिलायंस को कॉन्ट्रैक्ट इसलिए दिया क्योंकि रिलायंस के पास जमीन थी, जबकि बाद में सामने आता है कि दैसो ने खुद ही अंबानी के लिए जमीन खरीदी थी। अगर इंक्वायरी शुरू होती है तो मोदीजी बच नहीं पाएंगे। इसकी गारंटी है। पहली वजह है भ्रष्टाचार और दूसरा कि यह साफ है डील में फैसले किसने लिए। वह नरेंद्र मोदी थे जिन्होंने अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ दिए।"
राहुल ने कहा, "राफेल ओपन शट केस है और इसमें दो लोगों की पार्टनरशिप है- अनिल अंबानी और नरेंद्र मोदी। आप बताइए कि लॉस मेकिंग कंपनी (8 लाख की कंपनी) में 284 करोड़ किसने डाले? क्या लॉजिक था? क्यों इनवेस्टमेंट किया गया? वही पैसा अंबानी ने जमीन खरीदने के लिए इस्तेमाल किया। फिर दैसो के सीईओ ने यह क्यों कहा कि रिलायंस के पास जमीन है? सीबीआई चीफ को हटाया गया क्योंकि वो राफेल मामले को देख रहे थे।''
सरकार ने सौदे के लिए पैसे दिए
राहुल ने कहा, "सरकार कहती है प्राइसिंग गुप्त रखी गई। दैसो की एनुअल रिपोर्ट में प्राइसिंग दी गई है। उसमें दिखाया गया है कि भारत सरकार ने सौदे के लिए कितने पैसे दिए। मुझसे मैक्रों साहब (फ्रांस के राष्ट्रपति) मिले और मैंने उनसे इस बारे में सवाल किया। उन्होंने मुझे बताया कि सीक्रेट पैक्ट में प्राइस है ही नहीं। यानी प्राइस छिपाना समझौते का हिस्सा है ही नहीं।
डील के पीछे केवल नरेंद्र मोदी
राहुल के मुताबिक- "पर्रिकर का कहना था कि उनका इससे (राफेल डील) से कुछ लेना देना नहीं था। यानी वह कह रहे थे कि जिसका लेना-देना हो उससे पूछो यानी मिस्टर नरेंद्र मोदी। तो साफ है कि कौन डील के पीछे कौन था? वो नरेंद्र मोदी ही थे। पर्रिकर जी इस डील से खुद को बाहर करना चाहते थे। वो देश को बताना चाहते थे कि डील का फैसला मैंने नहीं मोदीजी ने लिया है। हम बताना चाहते हैं कि 284 करोड़ की पहली किश्त थी वो अंबानी जी के अकाउंट में गई।"
जांच से डरते हैं मोदी
राहुल ने कहा, "विपक्ष जेपीसी के होने से खुश है। मैंने अरुण जेटली से बात की, तब जेपीसी का कोई रिस्पॉन्स नहीं आया था। सीबीआई चीफ को हटाया गया है। इसलिए क्योंकि उनके पास डील की जानकारी थी और वे इंक्वायरी शुरू करना चाहते थे। मोदीजी इंक्वायरी से डरते हैं इसलिए सीबीआई चीफ को हटा दिया। मुझे नहीं लगता कि मोदी जेपीसी करवाएंगे। देखिए अगर पीएम डील में शामिल नहीं थे तो उन्हें इंक्वायरी कराने पर राजी होना था। उन्हें फिलहाल नींद नहीं आ रही, वे टेंशन में हैं।"
मोदी ने अंबानी को 30 हजार करोड़ दिए
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने कहा, "राफेल में भ्रष्टाचार हुआ है। पहली किश्त भ्रष्टाचार की दिख गई। दैसो के चीफ ने कहा कि हमने रिलायंस को कॉन्ट्रैक्ट इसलिए दिया क्योंकि रिलायंस के पास जमीन थी, जबकि बाद में सामने आता है कि दैसो ने खुद ही अंबानी के लिए जमीन खरीदी थी। अगर इंक्वायरी शुरू होती है तो मोदीजी बच नहीं पाएंगे। इसकी गारंटी है। पहली वजह है भ्रष्टाचार और दूसरा कि यह साफ है डील में फैसले किसने लिए। वह नरेंद्र मोदी थे जिन्होंने अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ दिए।"
Subscribe to:
Posts (Atom)