Thursday, December 13, 2018

राफेल पर सुप्रीम क्लीन चिट, क्या अब भी राहुल कहेंगे 'चौकीदार चोर है'?

राफेल डील मामले पर सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है और मोदी सरकार को राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि राफेल सौदे में कोई संदेह नहीं है. राफेल की गुणवत्ता में पर कोई सवाल नहीं है. हमने सौदे की पूरी प्रक्रिया पढ़ी है. विमान की कीमत देखना हमारा काम नहीं है.

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार सवाल खड़े करते रहे हैं. इतना ही नहीं, राहुल गांधी लगातार चुनावी अभियान में कहा करते थे कि देश का 'चौकीदार चोर' है. इस नारे के जरिए राहुल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल खड़े कर रहे थे.

राहुल गांधी सीधे-सीधे पीएम मोदी को राफेल डील मामले में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा रहे थे. इतना ही नहीं इस डील के जरिए अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने का आरोप खुले आम लगा रहे थे.

ऐसे में सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने शुक्रवार को राफेल मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि राफेल सौदे में कोई संदेह नहीं है. राफेल की गुणवत्ता में पर कोई सवाल नहीं है. हमने सौदे की पूरी प्रक्रिया पढ़ी है.

कोर्ट ने केंद्र सरकार ने फ्रांस के साथ हुए 36 लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे का बचाव किया है और इनकी कीमत से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग का विरोध किया और कहा कि विमान हमारे देश की जरुरत है.

बताते चलें कि कॉफी विद करण में दीपिका ने RK टैटू पर बयान भी दिया था. उन्होंने कहा था, ''मैंने कभी टैटू हटवाने की नहीं सोची, कभी ऐसा प्लान नहीं किया.'' गौरतलब है कि ब्रेकअप के बाद भी दीपिका-रणबीर अच्छे दोस्त हैं. रणबीर से ब्रेकअप के बाद दीपिका डिप्रेशन में चली गई थीं. तब उनकी जिंदगी में रणवीर सिंह आए.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस बहुमत से 2 सीट दूर रही लेकिन सपा-बसपा और निर्दलीयों के समर्थन ने कांग्रेस की सरकार बनने का रास्ता साफ कर दिया. लेकिन मुख्यमंत्री के चुनाव में हो रही देरी ने कांग्रेस को ऐसे दोराहे पर खड़ा कर दिया जहां पर पार्टी की छवि धूमिल हो रही थी. लेकिन गुरुवार रात को सीएम के नाम के ऐलान के साथ तमाम अटकलों पर विराम लग गया. आखिर गांधी परिवार ने कमलनाथ को ही क्यों चुना. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कमलनाथ एक ऐसे नेता हैं जो इंदिरा गांधी से लेकर राहुल गांधी तक सबके प्रिय रहे हैं.

संजय गांधी के खास मित्र रहे कमलनाथ ने राहुल का भी विश्वला जीत लिया. अगर ऐसा नहीं होता तो अध्यक्ष चुने जाने के सिर्फ 7 महीने बाद ही उन्होंने कमलनाथ को मध्य प्रदेश का अध्यक्ष बनाकर न बेजा होता. ऐसा माना जाता है कि राहुल को यह बात समझ में आ गई थी कि मध्य प्रदेश में शिवराज को हराने का कमाल कमलनाथ ही कर सकते हैं.

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